About Us

Ayush Paramedical Institute is set in the gorgeous city of lakes, with the newest and best available audio-visual aids such as projector, visualizer, and OHP, etc. accessible in the lecture hall departments and training places. The lectures are supplemented with practical activities, and each department has a network of clinical affiliations with multi – speciality hospitals, well-equipped medical clinics, and community-based organizations.

The institute boasts a dedicated and outstanding faculty, which is a source of pride for the institution and envy for those around it. Various guest lectures, CMEs, Symposiums, and Seminars are offered at regular intervals for students and academic members to continually enhance their expertise. Ayush paramedical institute contains computers with instructional CDs, internet access for self-learning, and the most recent books and periodicals on the subject, as well as a digital library with about 500 volumes on various specialties by Indian and foreign writers.

हमारे संस्थापक

श्री. हरिमन मीणा 

Ex. Jr. Warrent officer, Indian Air force 

जन्म दिवस 20/03/1947

श्रीमती शान्ति देवी

Founder Shact 

जन्म दिवस 18/01/1965

सेवा भाव व संघर्ष तो पारिवारिक विरासत में मिला और वायुसेना की अनुशासित जीवन शैली ने व्यक्तित्व को और सशक्त बना दिया। इसी संघर्ष व सेवा
की यात्रा में हर कदम पर कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने वाली धर्मपत्नी आपकी ताकत बनकर उभरी। संघर्ष से शिखर तक…. के जीवंत उदाहरण हैं।

हमारे संस्थापक श्री हरिमन मीणा का जन्म दौसा जिले के नामनेर गाँव के अत्यंत गरीब किसान स्व. श्री भौरीलाल के परिवार में हुआ। महज डेढ वर्ष की अल्प आयु में आपकी माँ स्व. श्रीमती फूलबाई का देहांत हो जाने से आपका लालन पालन अभावों में हुआ। परिवार में दो वक्त भरपेट भोजन भी मिल पाना मुश्किल हो गया था।

इन सब विपरित हालातों से जुझते हुऐ आपने माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्तर की परिक्षा पास करने वाले गांव के प्रथम युवा होने का कीर्तिमान स्थापित किया। 13/07/1966 को जब किशोरावस्था में आपने भारतीय वायुसेना ज्वाईन की तो समूचा गाँव सरकारी सेवा पाने वाले इस प्रथम युवा पर गौरवान्वित महसूस कर रहा था। 12 मई 1968 को श्रीमती शांती देवी ने आपका हाथ थामकर आज दिवस तक हर कठिन परिस्थिति में आपके साथ रही हैं।

आपने भारतीय वायुसैना के सैनिक के रूप में राष्ट्र सेवा की व सन् 1971 में हुए भारत – पाक युद्ध में भाग लिया। विभिन्न स्तरों पर देश सेवा में आपके योगदान पर भारतीय वायुसेना द्वारा अलग-अलग समय पर आपको 6 सेवा पदकों से नवाजा गया। अपने गांव के विकास में भागीदारी का सपना संजो कर आपने 1986 में भारतीय वायु सेना से ऐच्छिक सेवा निवृत्ति लेकर वापस अपने गांव में खेती व पशुपालन के पैतृक कार्य के साथ-साथ किराणा व्यवसाय व आटा चक्की चल्लाते हुए प्रतिदिन 18-18 घण्टे मेहनत करते हुए अपनो बच्चों को अच्छी शिक्षा प्रदान करने का लक्ष्य हासिल किया। साथ ही गांव के विकास व आमजन की सेवा के लिये सदैव समर्पित भाव से प्रयासरत रहे।आप द्वारा गरीब जरूरतमंद, बुजुर्ग बेसहारा लोगों की सेवा हेतु गांव में डिस्पेंसरी का संचालन कर रहे हैं। ग्राम सहकारी समिती के अध्यक्ष पद पर रहते हुए गांव में मिनी बैंक की स्थापना व सफल संचालन सुनिश्चित किया। आप सदैव ग्रामिणों के हक के लिए संघर्षरत रहे हैं। सेवा का जो बीज बोकर आपने वर्षों तक सींचा उसी के परिणाम स्वरूप एक नन्हें से पोधे का अवतरण हुआ। जो है…. शाति हरि आयुष चैरीटेबल ट्रस्ट।

Chairman's Message

In order to provide high-quality education in the healthcare field, the Ayush Group of Education (AGE) aims to prepare students for employment by transforming them into successful healthcare professionals. AGE moulds students by giving learning opportunities that go beyond standard schooling. AGE aspires to supply the healthcare profession with motivated, responsible, and disciplined youth who will provide the best care and human touch to patients and industry demands.

Dr. Ram Meena Chairman of Ayush Group
Chairman